हरी खाद

हरी खाद का अर्थ उन पत्तीदार फसलों से है जिनकी वृद्धि शीघ्र हो तथा बड़ी होने पर फूल आने से पहले उन्हें मिट्टी में दबा दिया जाता है। फलतः मृदा में ये फसलें सूक्ष्म जीवों द्वारा विच्छेदित होकर मृदा में हूमस तथा पौधों के पोषक तत्वों की मात्रा में वृद्धि करती है ऐसी फसलों का सस्य प्रणाली में उपयोग हरी खाद देना कहलाता है जैसे सनई, ढेंचा, उर्द, मूग, लोबिया एवं सेंजी आदि की फसलों का प्रयोग। हरी खाद हमेशा बुआई के डेढ़ माह पूर्व, कम्पोस्ट एवं एवं गोबर की खाद बुआई से एक माह पूर्व खेत में मिला देनी चाहिए ताकि बुआई तक विच्छेदित हो जाय तथा पोषक तत्व पौधों के लिए उपलब्ध अवस्था में परिवर्तित हो जायें।