चने की खेती
भूपरिष्करण क्रिया
- गर्मियों के दौरान एक गहरी जुताई करें।
- दो बार हेरोईंग की क्रिया करें।
- 5 टन गोबर की खाद का प्रयोग प्रति एकड़ की दर से दूसरी हेरोईंग के पूर्व करें।
बुवाई
- वर्षा आधारित कृषि की दशा में चने की बुवाई अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े में हो जानी चाहिए।
- सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने पर चने की बुवाई अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से नवम्बर के प्रथम सप्ताह तक की जा सकती है।
फसल अन्तरण
| बीजों का प्रकार | लाइन से लाइन की दूरी | पौधे से पौधे की दूरी |
| सामान्य/देशी बीजों के लिए | 30 सेमी. | 10 सेमी. |
| काबुली चने के लिए | 45 सेमी. | 10 सेमी. |
| देरी से बोवनी की दशा में | 25 सेमी. | 10 सेमी. |
चने की किस्में
| देषी चने की किस्में:- | JG 315, JG 74, JG 322, JG 11, JG 130, JG 16, JAKI 9218, JG 63, JG 412, JG 226 and JG 6 |
| काबुली चना :- | JGK 1, KGK 2, and JGK 3 |
| गुलाबी चना :- | JGG 1 |
| सूखे में बोवाई हेतु किस्म :- | JG 11, JG 130, JG 63, JG 226 |
| आंशिक सिंचित किस्में | JG 315, JG 11, JG 218, JG 130, JG 16, JG 63 |
| देरी से बोवाई हेतु सिंचित काबुली किस्मेः- | JGK 1, JGK 2, JGK 3, Gulabi JGG 1 |
बीज दर
| देशी बीजों के लिए | 70 किलो प्रति हेक्टेयर |
| मध्यम आकार के बीजों के लिए | 80 किलो प्रति हेक्टे |
| काबुली चने के लिए | 100 किलो प्रति हेक्टेयर |
बीज उपचार
| ट्राईकोडरमा | 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से |
| राईजोबियम | 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से |
| पी. एस. बी. (फास्फोरस घोलक जीवाणु) | 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से |
अंतरवर्ती फसल
| चना: सरसों | 4 : 2 |
| चना: सूर्यमुखी या अलसी | 4 : 1 |
ट्रेप क्राप
| ज्वार | 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर |
| सरसों | 125 ग्राम प्रति हेक्टेयर |
| धनियाँ | 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर |
खरपतवार नियंत्रण
| होईंग | बुवाई के 25 दिन बाद |
| निंदाई गुड़ाई | बुवाई के 30 दिन बाद |
समन्वित कीट नियंत्रण
- प्रति हेक्टेयर दो फीरोमोन ट्रेप लगाए।
- गर्मी में गहरी जुताई प्रत्येक 3 साल मे एक बार करें।
- चने की समय से बुवाई करें।
- चना : सरसों या धनियों कों 6 अनुपात 2 के अनुपात में अंतरवर्ती फसल के रूप में लगाए।
- कीट आकर्षक फसल (ट्रेप क्राप) के रूप में गेंदे को खेत के चारो ओर लगाएँ।
- 200 मि.ली. दशपर्णी अर्क का स्प्रे प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर करें।
- 75 मि.ली. Beauveria bassiana प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
- 200 मि.ली. HNPV 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ खेत में स्प्रे करें।
- बर्ड पारचेस (पक्षियों के बैठने के लिए स्थान) का प्रयोग करें।
- ट्राइकोडर्मा विरिडी 5 किलो को 100 किलो कम्पोस्ट में मिलाकर फसल की जड़ क्षेत्र में प्रयोग करें।
समन्वित रोग नियंत्रण
- गर्मी में खेत की गहरी जुताई करें।
- उचित फसल चक्र अपनाए।
- फसल की समय से बोवनी करें।
- रोग प्रतिरोधक जातियों का प्रयोग करें जैसे
- देशी चने के लिए :- JG-322, JG-315, JG-74, JG-130, JG-14, JG-12, JG-63, JG-11, JG-16, Vijay, Digvijay, JSC-55 आदि
- काबुली चने के लिए :- JGK-1, JGK-2, JGK-3