दसपर्णी अर्क का निर्माण एवं प्रयोग

दसपर्णी अर्क निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री

क्रमांकआवश्यक सामग्रीमात्रा
1नीम की पत्ती5 किलो
2घनेरी (Lantana camera) की पत्ती2 किलो
3करंज की पत्ती2 किलो
4कन्हेरी की पत्ती2 किलो
5जट्रोफा या अरंडी की पत्ती2 किलो
6निरगुड़ी की पत्ती2 किलो
7सीताफल की पत्ती3 किलो
8अकाव की पत्ती2 किलो
9पपीता की पत्ती2 किलो
10गुलबेल की पत्ती2 किलो
11गोमूत्र5 लीटर
12देशी गाय का गोबर2 किलो
13पानी170 लीटर
14प्लास्टिक ड्रम 200 लीटर क्षमता वाला1

दसपर्णी अर्क बनाने की विधि

  • उपरोक्त समस्त सामग्री को प्लास्टिक के बेरल में मिला लें।
  • इस मिश्रण को सुबह एवं शाम के समय लकड़ी के डंडे की सहायता से प्रतिदिन 5 से 10 मिनट घड़ी की दिशा में हिलाएँ।
  • इस मिश्रण को 30 दिन के लिए छायादार स्थान के नीचे रखें।
  • 30 दिन में यह जैविक कीटनाशी पौधों पर छिड़काव के लिए तैयार हो जाता है।
  • अब इसे किसी सूती कपड़े की सहायता से छन लें।

दसपर्णी अर्क के उपयोग का तरीका

125 एमएल दसपर्णी अर्क का उपयोग 10 लीटर पानी में मिलाकर किसी भी प्रकार की फसलों में इसका छिड़काव कीटनाशी के रूप में किया जा सकता है।

दसपर्णी अर्क के लाभ

  1. यह एक प्राकृतिक कार्बनिक कीटनाशी है।
  2. यह सभी प्रकार की फसलों में रस चूसने वाले कीटों के नियंत्रण में प्रभावी है।
  3. रासायनिक कीटनाशकों की अपेक्षा इसका निर्माण बहुत ही कम खर्च में किया जा सकता है।
  4. फसलों में, परागण में सहायक कीटों को, प्राकृतिक परजीवी एवं परभक्षियों को एवं पर्यावरण को यह किसी भी प्रकार का हानिकारक प्रभाव नहीं डालता है।