अमृत पानी
अमृत पानी के निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री
| क्रमांक | आवश्यक सामग्री | मात्रा |
|---|
| 1 | गाय का ताजा गोबर | 1 किलो |
| 2 | गोमूत्र | 1 लिटर |
| 3 | नीम की हरी पत्तियाँ | 1 किलो |
| 4 | चने या अन्य दलहन का आटा | 1 किलो |
| 5 | गुड़ | 100 ग्राम |
| 6 | पानी | 10 लीटर |
अमृत पानी बनाने की विधि
- 15 लीटर की क्षमता वाली प्लास्टिक की बाल्टी लेते हैं।
- उपरोक्त सभी पदार्थों को इस बाल्टी में डालकर लकड़ी के डंडे की सहायता से ठीक प्रकार से मिला लेते हैं।
- बाल्टी के मुह को ठीक प्रकार से बाँधकर इसे किसी छायादार स्थान में 10 दिनों के लिए रख दिया जाता है।
- इस मिश्रण को प्रतिदिन सुबह एवं शाम के समय किसी लकड़ी के डंडे की सहायता से घड़ी की दिशा में 5 से 10 मिनट तक हिलाया जाता है।
- 10 दिनों के बाद इस मिश्रण को किसी सूती/कपास से बने कपड़े की सहायता से छान लिया जाता है।
उपयोग का तरीका
- 100 से 150 मिली. अमृत पानी का उपयोग 10 लीटर पानी में मिलाकर करते हैं.
- सभी प्रकार की फसलों में इसका छिड़काव वानस्पतिक वृद्धि के समय स्प्रे पंप की सहायता से कर सकते हैं।
अमृत पानी के लाभ
- सभी प्रकार की फसलों में इसका उपयोग वानस्पतिक वृद्धि के समय उपयोगी रहता है।
- कई प्रकार के कीटों, विशेषकर रस चूसने वाले कीटों की रोकथाम के लिए इसका उपयोग लाभकारी होता है।
- कीटनाशक गुणों के साथ ही यह दानों मे चमक बढ़ाता है और उत्पादकता में भी वृद्धि करता है।